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Showing posts from December, 2018

Kyun in aankho ko.....

क्यूँ मुझे आप याद आते हो क्यूँ  इन आँखों को आधी रातों में नम कर जाते हो। मै सोचता हूँ की क्यूँ कोई जिंदगी मे पल के किस्से से उसका हिस्सा बन जाता है क्यूँ वही बिछड़ता है जिससे दिल का रिश्ता पक्का हो जाता है। क्यूँ जिंदगी मे इश्क़ उससे हो जाता है जो अश्क आँखों को देके दिल को खामोशी की वजह दे जाता है।  मुस्कान चेहरे को प्यारी देकर खुद उस मुस्कान का कातिल बन जाता है। क्यूँ आप मुझे याद आते हो क्यूँ इन आँखों को आधी रातों मे नम कर जाते हो। 😘                   -write ur feelings

kyun tere chehre ko

kyun tere chehre me kho jata hu  kyu  khud se hi haqiqat chupata hu kyun khud ko hr pal rulata hu kyu teri yadon ko khud se baaton me       btata hu Kyun zehan ko teri muskan ki khwaish hai  kyun zindagi ko ishq ke junoon ki aazmaish hai. ab to basinda hu teri yadon ka jise jahan ko badalne ki khwaish hai.😙