अपनी ही जिंदगी की कहानी में अपने
सपने जला के रावण हूं मैं ।
खुद में खुद को दबाया
जिन्दगी खुद की मगर हाँ चलना संभालना बड़ो ने सिखाया
प्यार दोस्ती में कभी जात पात तो कभी अमीरी गरीबी का फासला लाया
लड़कियों - लड़कों को बांटना तो खुद
विद्यालय की कक्षाओं ने सिखाया
भारतीय छात्रों ने इस प्रणाली को बढ़ना सिखाया ।
कुछ विषयों ने छात्रों के भविष्य का मूल्यांकन कराया
और इन सबसे जब कोई बच्चा घबराया
तो उसका साथ देने के बजाय उसको खूब डराया
वक़्त ने समाज ने प्रणाली को छोड़कर
धर्मों जातियों और नाम देकर लोगों को आपस मे लड़ाया।
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